गोरखपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लाखों की धोखाधड़ी करने वाले ठग पकड़े गए

By gorakhpur times

Published on:

गोरखपुर ठगी मामला

परिचय

गोरखपुर पुलिस गिरफ्तारी की खबर से पूरे जिले में चर्चा का माहौल है। बेलीपार थाने की पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर नकली फाइनेंस कंपनी के जरिए ठगी करने और लोगों की मेहनत की कमाई हड़पने का आरोप था। इस गोरखपुर पुलिस गिरफ्तारी से आम जनता ने राहत की सांस ली है।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान

पुलिस ने जिन दो अभियुक्तों को पकड़ा है, उनमें पहला नाम सुधीर कुमार है, जो हरिचरण का बेटा और बेवरी वार्ड नंबर 3 थाना गोला, जनपद गोरखपुर का निवासी है। दूसरा अभियुक्त धर्मवीर उर्फ चिल्लू है, जो राजकुमार का बेटा और बरई पार, थाना बेलीपार का रहने वाला है। दोनों अभियुक्तों पर गोरखपुर पुलिस गिरफ्तारी से पहले ही ₹1,100 का इनाम घोषित था।

धोखाधड़ी का तरीका

पुलिस जांच में सामने आया कि ये दोनों आरोपित खुद को डीडी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी बताते थे। वे लोगों को लालच देते थे कि उनका पैसा दुगना कर देंगे। इसके अलावा, जमीन के बेनामा कराने के नाम पर भी बड़ी ठगी करते थे। इस तरीके से इन्होंने कई लोगों से लाखों रुपए हड़प लिए। गोरखपुर पुलिस गिरफ्तारी से यह साफ हुआ है कि अपराधी चाहे कितने भी शातिर क्यों न हों, कानून के शिकंजे से नहीं बच सकते।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस को इस मामले में एक मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके बाद बेलीपार थाना प्रभारी विशाल सिंह, उपनिरीक्षक रविंद्र नाथ सिंह और उनकी टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों को धर दबोचा। गोरखपुर पुलिस गिरफ्तारी के बाद तुरंत ही दोनों को जेल भेज दिया गया है।

जनता की प्रतिक्रिया

गोरखपुर पुलिस गिरफ्तारी के बाद इलाके के लोगों में संतोष का माहौल है। पीड़ित लोग लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे थे। अब उन्हें भरोसा है कि पुलिस की यह कार्रवाई बाकी अपराधियों के लिए भी एक सबक बनेगी। स्थानीय निवासियों ने पुलिस टीम की सराहना की है और कहा कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से अपराध पर रोक लगेगी।

पुलिस टीम की सराहना

गोरखपुर पुलिस गिरफ्तारी संभव बनाने वाली टीम में थाना प्रभारी विशाल सिंह और उपनिरीक्षक रविंद्र नाथ सिंह की भूमिका सबसे अहम रही। उनके साथ कई अन्य पुलिसकर्मियों ने भी इस मिशन को सफल बनाया। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम

गोरखपुर पुलिस गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इन दोनों आरोपियों से और भी जानकारी निकालने की कोशिश करेगी ताकि जिन लोगों से ठगी की गई है, उनका पैसा वापस दिलाया जा सके। साथ ही पुलिस का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।

निष्कर्ष

गोरखपुर पुलिस गिरफ्तारी की यह घटना दिखाती है कि कानून हमेशा अपराधियों से एक कदम आगे है। पुलिस की सक्रियता और जनता के सहयोग से ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जा सकती है। यह गिरफ्तारी न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाएगी बल्कि समाज में अपराधियों को भी यह संदेश देगी कि कानून से बचना नामुमकिन है।

AlsoRead:

18 साल से कम उम्र की लड़कियों को मोबाइल देने पर विवाद – गोरखपुर यूनिवर्सिटी में उठी बहस

गोरखपुर मर्डर केस: कारोबारी की पिटाई से मौत, परिजनों ने अस्पताल पर लगाया गंभीर आरोप

gorakhpur times

Leave a Comment