गोरखपुर: शहर के गोरखनाथ थाना क्षेत्र से एक बड़ी घटना सामने आई है। बकाया राशि मांगने गए कुंज बिहारी निषाद (बिल्डिंग मटेरियल कारोबारी) की मारपीट के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। पुलिस और भीड़ के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसमें इंस्पेक्टर शशिभूषण राय घायल हो गए।
क्या है पूरा मामला?
- मृतक कुंज बिहारी निषाद गोरखपुर के रामपुर नया गांव के निवासी थे और आम आदमी पार्टी से पार्षद चुनाव लड़ चुके थे।
- 23 अगस्त की शाम वे अपने साले के साथ अभिषेक पांडे के घर बकाया पैसे मांगने पहुंचे थे।
- आरोप है कि अभिषेक पांडे और उसके साथियों ने दोनों पर हमला कर दिया।
- गंभीर रूप से घायल कुंज बिहारी को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
परिजनों का कहना है कि अस्पताल ने समय पर इलाज नहीं किया, जिसके कारण कुंज बिहारी की मौत हो गई। उन्होंने डॉक्टरों और प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।

भीड़ और पुलिस में झड़प
मौत की खबर फैलते ही अस्पताल में सैकड़ों लोग जुट गए। दोपहर करीब 1 बजे परिजनों ने हंगामा किया और शव को रोकने की कोशिश की। पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ उग्र हो गई।
- धक्का-मुक्की में गोरखनाथ इंस्पेक्टर शशिभूषण राय घायल हो गए।
- पुलिस ने बल प्रयोग कर शव को पोस्टमार्टम के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा।
पुलिस ने दर्ज किया केस
कुंज बिहारी की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने अभिषेक पांडे, हिमाचल पांडे और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया था, जो अब हत्या के मामले में बदल सकता है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना ने गोरखपुर की कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने दोषियों की गिरफ्तारी और अस्पताल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग की है।
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